Running shoes and walking shoes different

Running shoes and walking shoes different
Running shoes and walking shoes different
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रनिंग और वॉकिंग शूज नहीं होते एक जैसे, (Running shoes and walking shoes different) रनिंग शूज और वॉकिंग शूज (RUNNING SHOES VS WALKING SHOES) के बीच कुछ अंतर होता है। कई लोगों को ऐसा लगता है कि किसी एक ही प्रकार के जूते से रनिंग और वॉकिंग दोनों काम किया जा सकता है। जबकि हमें ऐसा करने से बचना चाहिए। इससे हमारे सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।रनिंग या वॉकिंग हम सेहत बनाने के लिए करते हैं, इसलिए बिगाड़ने वाला कोई ऐसा-वैसा काम करने से बचना चाहिए।

रनिंग शूज और वॉकिंग शूज (Running shoes and walking shoes different) खरीदने से पहले ही इन बातों का ध्यान रखना चाहिए। इन दोनों प्रकार के शूज की खासियत अलग-अलग है, इसलिए एक काम के लिए एक ही प्रकार का शूज उपयोग करना सही होगा। अब तक आप इस तरह की गलती कर रहे हैं तो अपनी आदत को जल्द बदल दें।

रनिंग शूज के प्रकार (Types Of Running Shoes). {Running shoes and walking shoes different}

मोशन कंट्रोल शूज (MOTION CONTROL SHOES)स्टेबिलिटी शूज (Stability shoes)कुशनिंग शूज (Cushioning Shoes)

वॉकिंग शूज के प्रकार (TYPES OF WALKING SHOES). रनिंग शूज व्यक्ति के रफ्तार आदि के हिसाब से बनाए जाते हैं। जबकि, टहलने वाले अधिकतर लोग एक समान गति से चलते हैं तो इसलिए वॉकिंग शूज वे अपने पसंद व कंफर्ट के मुताबिक चुन सकते हैं। ऐसे शूज स्टाइल के आधार पर मिलते हैं।

जूतों का गद्दीनुमा हिस्सा (Shoes Cushioning) जूते का गद्दीनुमा हिस्सा पैरों को आराम देने का काम करता है। ये हिस्सा जूते और पैर के लिए सबसे खास होता है। इसके बिना एक बेहतर जूते की कल्पना नहीं कर सकते और ना ही कंफर्ट फील कर सकेंगे।रनिंग शूज का ये गद्दीनुमा हिस्सा वॉकिंग शूज की तुलना में ज्यादा मोटा होता है। जबकि, वॉकिंग शूज के लिए ये बहुत मायने नहीं रखता। इसका मतलब नहीं है कि उसमें इसकी जरुरत नहीं।

जूतों के सोल (SHOES CUSHIONING). ऐसा कहा जाता है कि किसी भी शूज की जान सोल पर टिकी होती है। वॉकिंग शूज के सोल पतले और प्लेन होते हैं जबकि रनिंग शूज के सोल मोटे और अच्छी पकड़ वाले होते हैं। इस कारण समतल, गड्ढे या किसी भी प्रकार की जगह पर पैरों को तकलीफ दिए बगैर दौड़ा जा सकता है। साथ ही गिरने से बच सकते हैं। हालांकि वॉकिंग शूज के सोल भी फिसलन से बचाते हैं।

शूज की फ्लेक्सिबिलिटी (Shoes Flexible) किसी भी जूते के लिए फ्लेक्सिबिलिटी बहुत मायने रखती है। खासकर दौड़ने वाले शूज में लचीलापन होना चाहिए। इस कारण आप जैसी भी जगह पर दौड़ेंगे तो जमीन के आधार के हिसाब से पैर व जूते मुड़ सकेंगे। इससे मोच या चोट आने से बच सकते हैं।वहीं अगर वॉकिंग शूज की बात करें तो फ्लेक्सिबिलिटी की कोई खास जरुरत नहीं। हम चलते वक्त आसानी से जमीन को देखकर बच के चल फिर सकते हैं। हां, लेकिन एकदम हार्ड शूज चलने के लिए ठीक नहीं होते।

परफेक्ट रनिंग व वॉकिंग शूज खरीदने के टिप्स : जूते खरीदते (Shoes Buying Guides) वक्त हड़बड़ी ना करें।अगर पैर सामान्य से थोड़े सूजे लगें तो उस दिन खरीदने ना जाएं।जूते ट्राय करते वक्त मोजे जरूर पहनें।पैरों में फिट आने वाले ही शूज लें।अपने काम के हिसाब से जूते लें।जूतों के कलर व स्टाइल के साथ – साथ कंफर्ट का ख्याल रखें।

रनिंग व वॉकिंग शूज की सफाई (Shoes of cleaning tips) {Running shoes and walking shoes different} दरअसल ऐसा देखने को मिलता है कि हम ऑफिस या पार्टी वाले शूज की नियमित सफाई करते हैं। लेकिन रनिंग व वॉकिंग शूज की सफाई करने में लापरवाही करते हैं जबकि हमें इनको गंदा रखने से पैरों में बीमारी हो सकती है। शूज के मैटिरियल के हिसाब से पानी या पॉलिश या अपने सुविधानुसार सफाई कर सकते हैं। साथ ही सॉक्स आदि को भी साफ रखें।

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